फ़ेस: नौवीं सदी की मदीना जहां आज भी हाथ से रंगा जाता है चमड़ा
फ़ेस दुनिया के सबसे बड़े और सबसे पुराने कार-मुक्त शहरी इलाकों में से एक है, जहां नौवीं सदी की मदीना आज भी उसी अफरातफरी और जीवंतता के साथ धड़कती है। यहां हर गली में कोई न कोई कारीगर चमड़ा रंगता, धातु पीटता या लकड़ी तराशता मिल जाएगा। यह शहर सिर्फ देखने की नहीं, बल्कि पांचों इंद्रियों से महसूस करने की जगह है।
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फ़ेस अल-बाली (पुरानी मदीना)
यूनेस्को धरोहर में शामिल यह इलाका दुनिया के सबसे बड़े पैदल-चलने योग्य शहरी क्षेत्रों में गिना जाता है, जहां नौ हज़ार से ज़्यादा तंग गलियां फैली हैं।
अल-क़रविय्यीन विश्वविद्यालय
859 ईस्वी में स्थापित यह दुनिया का सबसे पुराना लगातार चल रहा शिक्षा संस्थान माना जाता है, जिसकी वास्तुकला दूर से ही देखी जा सकती है।
शूआरा चमड़ा कारखाने
मध्ययुगीन काल से चले आ रहे रंगाई के गोल पत्थर के गड्ढे, जहां आज भी हाथ से खाल रंगी जाती है।
बाब बौजलूद
नीले (बाहर की ओर) और हरे (अंदर की ओर) मोज़ेक से सजा मदीना का शानदार प्रवेश द्वार, जो फ़ेस की पहचान बन चुका है।
अल अत्तारीन मदरसा
14वीं सदी में मरिनिद शासकों द्वारा बनवाया गया धार्मिक शिक्षा केंद्र, जो अपनी बारीक ज़ेलिज टाइल और सीडर लकड़ी की नक्काशी के लिए प्रसिद्ध है।
मरिनिद कब्रें
पहाड़ी पर स्थित प्राचीन शाही कब्रों के खंडहर, जहां से पूरी मदीना और उसकी छतों का विहंगम दृश्य दिखाई देता है।
दार बथा संग्रहालय
एक पूर्व राजसी महल में बना यह संग्रहालय पारंपरिक मोरक्कन मिट्टी के बर्तन, कालीन और लकड़ी की कारीगरी प्रदर्शित करता है।
एक दिन का नमूना कार्यक्रम
स्थानीय खानपान
फ़ेस को मोरक्को की पाककला राजधानी माना जाता है, जहां सदियों पुराने पारिवारिक नुस्खे आज भी जीवित हैं।
मार्च से मई और सितंबर से नवंबर का मौसम सबसे बेहतर है, जब दिन का तापमान सुहावना रहता है। जुलाई-अगस्त में मदीना की तंग गलियों में गर्मी और उमस काफी बढ़ जाती है।
फ़ेस अल-बाली के भीतर सब कुछ पैदल ही घूमा जाता है क्योंकि गलियां इतनी संकरी हैं कि कार तो दूर, कहीं-कहीं गधे-खच्चर ही सामान ढोते हैं। नए शहर (विले नुवेल) या रेलवे स्टेशन तक जाने के लिए पेटिट टैक्सी (छोटी लाल टैक्सी) सबसे सुविधाजनक और सस्ता विकल्प है।
चमड़ा कारखाने की छत पर जाने के बाद वहां कुछ खरीदना कोई बाध्यता नहीं है, लेकिन दुकानदार को धन्यवाद स्वरूप कुछ दिरहम देना शिष्टाचार माना जाता है—और भूलभुलैया जैसी मदीना में स्थानीय दुकानदारों से रास्ता पूछते वक्त हमेशा नज़दीकी किसी बड़े लैंडमार्क (जैसे बाब बौजलूद) का नाम लें, गली का नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
फ़ेस की मदीना में रास्ता भटकने से कैसे बचें?+
गूगल मैप्स यहां ठीक से काम नहीं करता क्योंकि गलियां बेहद संकरी और घुमावदार हैं, इसलिए पहले दिन किसी लाइसेंस प्राप्त स्थानीय गाइड को साथ रखना सबसे समझदारी भरा फैसला है। ज़्यादातर होटल और रियाद वालों से भी रास्ता आसानी से पूछा जा सकता है।
शहर में कितने दिन बिताना पर्याप्त है?+
मदीना, चमड़ा कारखाने और आसपास के मदरसों को ठीक से देखने के लिए कम से कम दो पूरे दिन चाहिए। अगर मैदानी इलाकों की यात्रा या धीमी गति से बाज़ार घूमना हो तो तीन दिन बेहतर रहेंगे।
चमड़ा कारखाने (तनरी) देखने का सही तरीका क्या है?+
आसपास की चमड़े की दुकानों की छत से मुफ्त या मामूली शुल्क में देखा जा सकता है, तेज़ गंध से बचने के लिए दुकानदार पुदीने की पत्तियां देते हैं। सुबह जल्दी जाने पर कारीगरों को रंगाई का काम करते हुए देखना सबसे दिलचस्प होता है।
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